golu baba ke intjar me umdi crowd

कौशाम्बी क़े बेरुई गॉंव क़े चमत्कारी गोलू बाबा बीमार जिला अस्पताल में हुआ इलाज लेकिन भक्तो की भीड़ जिला अस्पताल तक पहुंची



गोलू बाबा के इंतजार में ,कई हजार की जनता खड़ी है दरबार में ,कौशांबी में 7 वर्षीय बालक के अंदर दैवीयशक्ति का चमत्कार


सुबह सुबह 6 बजे गोलूबाबा के दरबार में जनता की लगी भीड़, कई प्रदेशों से पहुंच रहे हैं लोग ।
👉 गूंगा बोलने लगता है बहरा सुनने लगता है लंगड़ा चलने लगता है यह है गोलू बाबा का चमत्कार, लोगों में है चर्चा
7 वर्षीय गोलू पासवान बना चमत्कारी बाबा, सुबह-सुबह लगी कई हजार लोगों की भीड़ । गोलू के छूने मात्र से बीमारी हो जाती है छूमंतर, कौशाम्बी के गोलू बाबा के हाथ में है दैवीय चमत्कार या फिर लोगों का वहम । कौशांबी जनपद के थाना सरायअकिल क्षेत्र के बेरूई गांव में लगा रातोंदिन कई हजार जनता का जमावड़ा । आसपास से ही नहीं बल्कि कई प्रदेशों से आकर डेरा डाले हैं मरीज । 20 दिन से शुरू है यह सिलसिला, गोलू के अंदर आई अलौकिक शक्ति का चमत्कार है यह अंधविश्वास। लेकिन 3 सप्ताह के अंदर में चर्चित हो गया गोलू बाबा । नहीं है जिला प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम, बढ़ती जा रही है गोलू बाबा के दरबार में जनता की भीड़ ।
कौशाम्बी । कौशांबी जनपद के थाना सराय अकिल क्षेत्र के बेरूई गांव में रात और दिन मरीजों का जमावड़ा लगा रहता है । इस गांव में गोलू बाबा का चमत्कार कहे या दैवीशक्ति कहे या फिर लोगों का है वहम लेकिन 20 दिन के अंदर जिले से ही नहीं बल्कि कई प्रदेशों से लोग आकर जमावड़ा लगा रहे हैं । लोगों को कहना है कि गोलू बाबा के छू देने से ही मात्र बड़ी-बड़ी बीमारियां छूमंतर हो जाती है  फिलहाल इस स्थान पर जिला प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं है लेकिन जनता की भीड़ गोलू बाबा के दरबार में बढ़ती जा रही है ।
बता दें कि 7 वर्षीय गोलू पासवान कक्षा दो में पढ़ता था । एक दिन वह जमुना नदी में स्नान करने गया तो उसे एक मछली विशाल रूप लेकर खड़ी हो गई जिससे, पहले वह डर गया और बेहोश हो गया, बाद में होश आने पर मछली ने उससे कहा कि तुम डरो नहीं मैं तुम्हारे साथ हूं और तुम जिसको चाहोगे बीमार ठीक हो जाएगा । उसके बाद घर आने के बाद गोलू ने कुछ लोगों को यह करिश्मा कर दिखाया । वहीं से शुरू हो गया गोलू बाबा के चमत्कारी खेल के सिलसिला का प्रचार और 20 दिन के अंदर कई हजार की संख्या में वहां लोग पहुंचने लगे हैं ।

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